हर दिन, प्रोफेशनल्स अपने काम को तेज़ी से पूरा करने के लिए सेंसिटिव डेटा, कॉन्ट्रैक्ट्स और कोड स्निपेट्स को ऑनलाइन टूल्स में पेस्ट करते हैं। लेकिन बहुत कम लोग यह सोचते हैं कि वह जानकारी असल में प्रोसेस कहाँ हो रही है।
चाहे आप हमारे लोकल [यूनिवर्सल इमेज कन्वर्टर](/hi/tool/universal-image-converter) का उपयोग कर रहे हों, या कोई डेटा फॉर्मेट कर रहे हों, एक सबसे महत्वपूर्ण सवाल हमेशा रहता है: जब आप सबमिट बटन पर क्लिक करते हैं तो आपका डेटा कहाँ जाता है?
ज़्यादातर पारंपरिक वेबसाइट्स पर, इसका जवाब है 'एक रिमोट सर्वर'। नीचे हम चर्चा कर रहे हैं कि क्यों पुरानी तकनीक कॉन्फिडेंशियल डेटा के लिए प्राइवेसी का खतरा पैदा करती है, और कैसे आधुनिक 'क्लाइंट-साइड प्रोसेसिंग' (Client-side processing) इस सुरक्षा समस्या को पूरी तरह से हल कर देती है।
क्या ऑनलाइन यूनिवर्सल इमेज कन्वर्टर सेफ (Safe) है?
हाँ—ऑनलाइन यूनिवर्सल इमेज कन्वर्टर पूरी तरह सुरक्षित हो सकता है, लेकिन तभी जब वह टूल आपके डेटा को इंटरनेट पर किसी सर्वर पर अपलोड किए बिना, पूरी तरह से आपके ब्राउज़र के अंदर ही प्रोसेस करे।
समाधान: लोकल क्लाइंट-साइड (Local Client-Side) तकनीक
[FreeClientToolbox यूनिवर्सल इमेज कन्वर्टर](/hi/tool/universal-image-converter) जैसे आधुनिक टूल्स के साथ, सब कुछ आपकी अपनी मशीन पर ही होता है। * जीरो अपलोड (Zero Uploads): आपकी फ़ाइल या टेक्स्ट आपके डिवाइस की रैम और सीपीयू (CPU) का इस्तेमाल करके जावास्क्रिप्ट (JavaScript) के ज़रिए प्रोसेस किया जाता है। * ऑफ़लाइन भी काम करता है: क्योंकि पूरा कोड आपके ब्राउज़र के अंदर ही चलता है, अगर आप अपना वाई-फ़ाई (WiFi) बंद भी कर दें, तो भी यह टूल बिल्कुल सही काम करेगा। * 100% प्राइवेसी: क्योंकि इंटरनेट पर कोई भी डेटा नहीं भेजा जाता है, इसलिए सर्वर हैक होने या डेटा लीक होने का कोई खतरा नहीं है।अगली बार जब आपको डेटा प्रोसेस करना हो, तो असुरक्षित क्लाउड टूल्स को छोड़ें और अपने डेटा को पूरी तरह सुरक्षित रखने के लिए 100% लोकल [यूनिवर्सल इमेज कन्वर्टर](/hi/tool/universal-image-converter) का ही उपयोग करें।